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69000 भर्ती आरक्षण मामला

कुछ बातें : प्रत्यूष मिश्रा जी से मेरी पहली मुलाकात 20 मार्च 2012 को लखनऊ में हुई थी। वह संघर्ष का पल कभी भुलाया नहीं जा सकता है। संघर्ष का एक लम्बा सफर रहा। लखनऊ से दिल्ली तक हम सब साथ रहे। कभी भी हमारे उनके बीच मतभेद नहीं रहा।  प्रत्यूष जी में मैंने एक ईमानदार संघर्षशील योद्धा को पाया और मुझे खुशी है कि आज भी उनकी ईमानदारी कायम है।  उस संघर्ष में बहुत से साथी नाकामयाब रहे और उनकी कामयाबी को लेकर हमेशा सोचा करता था। उसके बाद फिर नई सुबह हुई और  69000 भर्ती में काफी लोग सफल हुए जिसमें प्रत्यूष मिश्रा भी सम्मिलित हैं। बहुत से पुराने साथी 69000 भर्ती में भी सफल नहीं हो पाए उनके लिए असीम दुख भी है।  जब बीएड पर खतरा आया तो प्रत्यूष जी ने लखनऊ में बीएड के पक्ष में काम किया और उमेश कुमार जी के साथ विपिन जी ने लखनऊ और  दिल्ली में काम किया। सभी ने मिलकर सफलता पाई। कुछ मतभेद भी रहे मगर मेरे और प्रत्यूष जी के बीच यहां भी मतभेद नहीं रहा। राजेश राव जी ने भी बीएड मामले में आखिरी क्षण में बहुत अच्छा काम किया। मतभेद कोई बुरी बात नहीं है बस मनभेद नहीं होना चाहिए।  डिवीजन ब...

दिवाली की हार्दिक शुभकामना

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पर्व है पुरुषार्थ का, दीप के दिव्यार्थ का, देहरी पर दीप एक जलता रहे, अंधकार से युद्ध यह चलता रहे, हारेगी हर बार अंधियारे की घोर-कालिमा, जीतेगी जगमग उजियारे की स्वर्ण-लालिमा, दीप ही ज्योति का प्रथम तीर्थ है, कायम रहे इसका अर्थ, वरना व्यर्थ है, आशीषों की मधुर छांव इसे दे दीजिए, प्रार्थना-शुभकामना हमारी ले लीजिए!! झिलमिल रोशनी में निवेदित अविरल शुभकामना आस्था के आलोक में आदरयुक्त मंगल भावना!!! दीपावली की हार्दिक शुभकामना।

प्राथमिक शिक्षकों की 12460 भर्ती के नियुक्ति पत्र प्राप्त शिक्षक शिक्षिकाओं को विद्यालय आवंटन का अंतरिम आदेश। नियुक्ति पत्र रहेगा याचिका के अंतिम निर्णय के आधीन

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प्राथमिक शिक्षकों की 12460 भर्ती के नियुक्ति पत्र प्राप्त शिक्षक शिक्षिकाओं को विद्यालय आवंटन का अंतरिम आदेश। नियुक्ति पत्र रहेगा याचिका के अंतिम निर्णय के आधीन  राहुल पांडे अविचल  दिनांक 15 दिसंबर 2016 को उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के पंद्रहवें संशोधन से बीटीसी एवम एसबीटीसी योग्यताधारियों के लिए 12460 भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। जिसमें कि 51 जनपद में रिक्त पद थे परंतु 24 जनपद में पदों की संख्या शून्य थी।  बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के रूल 14(1)(क) में वर्णित है कि जिस जनपद से प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उस जनपद में नियुक्ति में वरीयता प्राप्त होगी।  इस स्थिति में वे 24 जनपद जहां पद शून्य थे वहां के योग्यताधारियों को किसी अन्य जनपद से आवेदन करके उस जनपद में वरीयता लेने का मौका दिया गया। इसके लिए भर्ती की गाइडलाइन में क्लॉज 6(ख) बनाया गया।  जिस जनपद के आवेदक पहली काउंसलिंग में चयन न पाते वे दूसरी काउंसलिंग में अन्य जनपद में पद रिक्त रहने पर प्रतिभाग कर सकते थे।  जिनके यहां पद कम था और वे अपने जनपद में प्रतिस्पर्धा नहीं कर...

प्राथमिक शिक्षकों की 12460 भर्ती के नियुक्ति पत्र प्राप्त शिक्षक शिक्षिकाओं को विद्यालय आवंटन का अंतरिम आदेश। नियुक्ति पत्र रहेगा याचिका के अंतिम निर्णय के आधीन

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प्राथमिक शिक्षकों की 12460 भर्ती के नियुक्ति पत्र प्राप्त शिक्षक शिक्षिकाओं को विद्यालय आवंटन का अंतरिम आदेश। नियुक्ति पत्र रहेगा याचिका के अंतिम निर्णय के आधीन  वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के पंद्रहवें संशोधन से बीटीसी एवम एसबीटीसी योग्यताधारियों के लिए 12460 भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। जिसमें कि 51 जनपद में रिक्त पद थे परंतु 24 जनपद में पदों की संख्या शून्य थी।  बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के रूल 14(1)(क) में वर्णित है कि जिस जनपद से प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उस जनपद में नियुक्ति में वरीयता प्राप्त होगी।  इस स्थिति में वे 24 जनपद जहां पद शून्य थे वहां के योग्यताधारियों को किसी अन्य जनपद से आवेदन करके उस जनपद में वरीयता लेने का मौका दिया गया। इसके लिए भर्ती की गाइडलाइन में क्लॉज 6(ख) बनाया गया।  जिस जनपद के आवेदक पहली काउंसलिंग में चयन न पाते वे दूसरी काउंसलिंग में अन्य जनपद में पद रिक्त रहने पर प्रतिभाग कर सकते थे।  जिनके यहां पद कम था और वे अपने जनपद में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते थे अथवा ऐसे भी लोग जिनके जिनके यहां पद शू...

प्राथमिक शिक्षकों की 12460 भर्ती के मुकदमे में एएसजी ऐश्वर्या भाटी को सुप्रीम कोर्ट ने बनाया मध्यस्थ।अधिकारियों से बात करके समाधान खोजने का दिया सुझाव

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प्राथमिक शिक्षकों की 12460 भर्ती के मुकदमे में एएसजी ऐश्वर्या भाटी को सुप्रीम कोर्ट ने बनाया मध्यस्थ। अधिकारियों से बात करके समाधान खोजने  का दिया सुझाव  राहुल पांडे 'अविचल' वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के पंद्रहवें संशोधन से बीटीसी एवम एसबीटीसी योग्यताधारियों के लिए 12460 भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। जिसमें कि 51 जनपद में रिक्त पद थे परंतु 24 जनपद में पदों की संख्या शून्य थी।  बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के रूल 14(1)(क) में वर्णित है कि जिस जनपद से प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उस जनपद में नियुक्ति में वरीयता प्राप्त होगी।  इस स्थिति में वे 24 जनपद जहां पद शून्य थे वहां के योग्यताधारियों को किसी अन्य जनपद से आवेदन करके उस जनपद में वरीयता लेने का मौका दिया गया। इसके लिए भर्ती की गाइडलाइन में क्लॉज 6(ख) बनाया गया।  जिस जनपद के आवेदक पहली काउंसलिंग में चयन न पाते वे दूसरी काउंसलिंग में अन्य जनपद में पद रिक्त रहने पर प्रतिभाग कर सकते थे।  जिनके यहां पद कम था और वे अपने जनपद में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते थे अथवा ऐसे भी लोग जिनके...

72825 शिक्षक भर्ती का इतिहास

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72825 शिक्षक भर्ती  आरटीई एक्ट सेक्शन 23(2) में यह वर्णित है कि यदि संसाधन का अभाव है तो राज्यों को छूट दी जाएगी। 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई ने नोटिफिकेशन के पैराग्राफ 3 में लिखा कि जहां बीटीसी प्रशिक्षु नहीं मौजूद हैं वहां बीएड को 1 जनवरी 2012  तक नियुक्त करके छः महीने का प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर 2011 को 72825 भर्ती का शासनादेश आया।  1 जनवरी 2012 को बीएड को नियुक्त करने की तिथि समाप्त हो रही थी इसलिए शीघ्र भर्ती के लिए 9 नवंबर 2011 को बेसिक शिक्षा नियमावली में 12वा संशोधन करके टीईटी मेरिट को चाय का आधार बना दिया गया। 13 नवंबर 2011 को यूपी बोर्ड ने टीईटी की परीक्षा कराई।  25 नवंबर 2011 को टीईटी का परिणाम जारी हुआ।  परीक्षा में धांधली को लेकर यूपी बोर्ड के निदेशक संजय मोहन जेल गए।  30 नवंबर 2011 को 72825 का विज्ञापन आया। जिसमें किसी भी पांच जिले में आवेदन की छूट दी गई। मात्र 5 जिले का आवेदन का नियम बेसिक शिक्षा नियमावली ने न होने के कारण हाई कोर्ट ने 5 जिले के आवेदन की प्रक्रिया को हा...

कुबेर धाम, अयोध्या जी

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राम 👏 अयोध्या जी जो कि एक संत/साधु थे, संत की कोई जाति नहीं होती है लेकिन संत बनने के पूर्व वह कुर्मी जाति से थे। उनका गुरुद्वारा अयोध्या में बाबा राम प्रसाद जी का अखाड़ा था। उन्होंने कुछ जमीन अपने भांजे गंगादीन को दिया था कि वह भूमि की देखभाल करेंगे लेकिन उन्होंने वह जमीन राम दुलार जी को बेच दी थी। जिसके परिणामस्वरूप शेष जमीन को अयोध्या जी ने अपने भांजे या परिवार को देने की बजाय राम दुलार जी के भाई पंडित राम कुबेर जी को इस उद्देश्य से दान कर दिया था कि स्वर्ग में उनको सुख होगा, दुनिया में उनका नाम होगा, उनकी संपत्ति सुरक्षित रहेगी। अयोध्या नाम ही ऐसा है कि यह नाम विश्व पटल पर है परंतु संत अयोध्या जी जिनका पैतृक गांव तिवीपुर था। उनकी यह तपोस्थली अयोध्या, काशी और प्रयागराज के बिल्कुल मध्य है। प्रतापगढ़, पट्टी, आसपुर देवसरा, ढकवा मुख्य मार्ग पर स्थित है। जिसकी कीमत करोड़ों में है। भगवान जी अयोध्या में विराजमान हो गए हैं। आज हनुमान जी का जन्मोत्सव है। पंडित राम कुबेर और राम दुलार ने यह जमीन अपने भाइयों में विभाजित कर दी है। अतः वर्तमान में है इस संपूर्ण भूमि में १२वें हिस्से का हकदार...

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के निर्णय का प्रभाव :

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के निर्णय का प्रभाव :  जब दिनांक 25/11/2021 को माननीय जोधपुर उच्च न्यायालय ने राजेंद्र सिंह चोटिया केस में एनसीटीई का नोटिफिकेशन दिनांक 28/06/2018 को रद्द कर दिया था तो एनसीटीई पत्र जारी करके माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने तक आगे से बीएड की नियुक्ति रोक सकती थी। मगर न तो एनसीटीई ने कोई पत्र जारी किया और न ही उस आदेश को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने पर माननीय जोधपुर उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगी।  अन्य राज्यों में पटना उच्च न्यायालय ने उसके बाद भी भर्ती को जारी रहने दिया और नियुक्ति को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आधीन कर दिया।  जबलपुर हाई कोर्ट ने भी मध्य प्रदेश में भर्ती जारी रखी और नियुक्ति को अंतिम निर्णय के आधीन कर दिया। जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद इसपर अंतिम बहस शुरू हुई तो मध्य प्रदेश सरकार ने सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया को देवेश शर्मा केस में क्लारिफिकेशन के लिए उतार दिया है। जिससे कि क्लारिफिकेशन के बाद ही माननीय जबलपुर उच्च न्यायालय में बहस हो। मामला देवेश शर्मा ऑर्डर डेलिव...

पदोन्नति से रोक हटी

मैंने दिनांक 31 दिसंबर 2023 को ही बता दिया था कि जो वर्तमान की विधिक स्थिति है, बेशक वह अंतरिम विधिक स्थिति है; अभी अंतिम विधिक स्थिति नहीं है।  पदोन्नति वर्तमान में अंतरिम विधिक स्थिति पर ही हो सकती है या फिर अंतिम विधिक स्थिति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद बनेगी उसपर हो सकती है। दिनांक 11 सितंबर 2023 के पहले बगैर TET वालों की पदोन्नति हो सकती थी। मगर अब जब  मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले दिनांक 02/06/23 को एनसीटीई  ने दिनांक 11/09/2023 को स्वीकार कर लिया है तो उसे तभी नकारा जा सकता है, जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय उसे रद्द करे। तमिलनाडु सरकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय गई है, टीईटी समर्थकों को डॉक्टर अभिषेक मनु सिंघवी ने नोटिस भी जारी करा दिया है।  मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले के पूर्व में ही दिनांक 03/05/2023 की याचिका में मैं लिखकर गया था था कि जिसकी नियुक्ति 23/08/2010 के पहले हुई हो उसे बगैर टीईटी यदि प्रमोट किया जायेगा तो मुझे आपत्ति नहीं होगी। मगर 2/6/2023 को मद्रास उच्च न्यायालय ने कह दिया कि नियुक्ति चाहे जब की हो जब आप प्राइमरी के हेड मास्टर बन रहे...

बीएड छात्र वेलफेयर एसोसिएशन पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने लगाया दस हजार रुपए जुर्माना

अरनब घोष ने देवेश शर्मा केस के फैसले में क्लारिफिकेशन/मोडिफिकेशन एप्लीकेशन दाखिल की जिसपर रजिस्ट्रार ने एप्लीकेशन खारिज कर दिया। रजिस्ट्रार के अनुसार एसएलपी के फैसले पर कोई भी रिट के जरिए मोडिफिकेशन नहीं मांग सकता। इस तरह सबकी रिट सुनी गई तो मुकदमा अंतहीन हो जायेगा। उक्त रजिस्ट्रार के निर्णय को मिसलेनियम एप्लीकेशन में पुनः अरनब घोष ने कोर्ट में लिस्ट कराया। न्यायमूर्ति श्री अनिरुद्ध बोस जी ने कहा कि देवेश शर्मा केस के फैसले को न्यायमूर्ति श्री सुधांशु धुलिया जी ने लिखा है, न्यायमूर्ति श्री अनिरुद्ध बोस जी और न्यायमूर्ति श्री सुधांशु धुलिया जी की दिनांक ११ जनवरी २०२४ को तीन बजे बेंच बैठी। न्यायमूर्ति ने कहा कि बीएड प्राइमरी के लिए योग्य नहीं है। ब्रिज कोर्स आदि कुछ नहीं है और एप्लीकेशन खारिज कर दिया। अरनब घोष यही जानना चाहता है कि एनसीटीई नोटिफिकेशन किस तारीख से रद्द हुआ है? बहुत से राज्य हैं जहां भर्ती हुई है लेकिन मामला कोर्ट में नहीं है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डेट ऑर्डर में लिखते ही अनावश्यक राज्यों में मुकदमें उत्पन्न होंगे। अब तक की अरनब की मामलों की AOR नेहा राठी जी ने ...

बीएड (अरनब घोष केस)

बीएड  मैंने पहले ही बीएड के लोगों से कहा था कि अरनब घोष की याचिका खारिज हो जायेगी। मगर देश के एक महान वकील को बीएड वालों ने उतारा था तो उनको अरनब घोष के लिए उतारना था जो कि बेरोजगार है। महान वकील हैं दिनांक ११/०८/२०२३ के पहले जारी हुए अधूरे विज्ञापन को पूरा करने की डिमांड करते। मगर बेवजह नियुक्त लोग के पक्ष में उतारकर बीएड वालों ने बीटीसी/डीबीटीसी वालों का मनोबल बढ़ा दिया।  यूट्यूब वाले अब भी रट लगाए हैं कि ६९ हजार वाले राम शरण मौर्य केस से सर्वोच्च न्यायालय से एलाऊ हैं इसलिए बाहर नहीं होंगे। जबकि राम शरण मौर्य केस से मैं सहमत नहीं हूं। क्योंकि वह मुकदमा कट ऑफ का था और उसमें एनसीटीई के नोटिफिकेशन की वैधता पर सुनवाई नहीं हुई थी। उसमें एनसीटीई के नोटिफिकेशन के अनुपालन में बीएड को एलाऊ किया गया था। अब वह नोटिफिकेशन ही रद्द है। जिसको लगता है कि राम शरण में बीएड एलाऊ हैं तो वह रिविजिट में किसी बीएड को ६९००० के अंदर ला दें, १ अंक वाले माननीय सुप्रीम कोर्ट से जीते हैं। उसमें कोई बीएड वाले जो हों उनकी नियुक्ति दिला दे। जब कि अब बीएड की नियुक्ति प्राइमरी में संभव ही नहीं है।  डॉक्...

स्थिति, परिस्थिति एवम समाधान

मन की बात  न्यायमूर्ति श्री अरुण टंडन जी का कहना था कि 72825 भर्ती सरकार लायी लेकिन बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 में बीएड को शामिल करने के लिए संशोधन नहीं किया।  बीएड के लोग को नियुक्ति के बाद छह महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा इसलिए ट्रेनी टीचर का कैडर लाया जाए।  सरकार ने विज्ञापन रद्द कर दिया। बेसिक शिक्षा नियमावली का संशोधन 12 TET मेरिट सरकार ने रद्द करके संशोधन 15 अकादमिक मेरी लायी जिसमे प्रशिक्षण में सिध्दांत में प्रथम श्रेणी 12 अंक, द्वितीय श्रेणी 6 अंक तृतीय श्रेणी 3 अंक किया। प्रयोगात्मक में प्रथम श्रेणी 12 अंक, द्वितीय श्रेणी 6 अंक तृतीय श्रेणी 3 अंक किया। मेरा बीएड के सिद्धांत में द्वितीय श्रेणी है। कोई भी विज्ञापन आता उसमें मेरा चयन न होता। पुराना विज्ञापन सहायक अध्यापक का होना चाहिए था मगर वह SBTC की ट्रेनिंग जैसा विज्ञापन था। उसे चुनौती देता तो दिनांक 27/09/11 का शासनादेश अनिल संत जी अकादमिक पर लाये थे। उसमें भी मैं अनफिट था। क्योंकि शासनादेश के बाद जब दिनांक 09 नवंबर 2011 को 12वां  संशोधन लाया उसके बाद 13 नवंबर को TET हुई तब जाकर 30 नवंबर 2011 को TET मेरिट ...

पद, पदोन्नति और प्रलापों का दौर

पद, पदोन्नति और प्रलापों का दौर - राहुल जी पांडे 'अविचल' दीपक शर्मा केस में प्राइमरी स्कूल (जूनियर बेसिक ) का हेडमास्टर, मिडिल स्कूल (सीनियर बेसिक) का सहायक अध्यापक और मिडिल के हेडमास्टर पद पर पदोन्नति के लिए TET लगाने की बात हुई थी।  उसके बाद एकल पीठ में कुछ लोग ने TET से राहत मांगी परंतु नहीं मिली। वे खंडपीठ में गए खंडपीठ में भी राहत नहीं मिली।  मगर दीपक शर्मा केस के फैसले को न्यायमूर्ति श्री एपी शाही साहब ने रद्द करके एकल पीठ को पुनः सुनवाई करने का निर्देश दिया था।  व्यक्तिगत रूप से मैंने न्यायमूर्ति श्री शाही के विचारों को सुना था। TET के लिए  चर्चित राम प्रकाश शर्मा केस की वृहदपीठ के वह अध्यक्ष थे। उनके तर्कों का किसी के पास जवाब नहीं था।  २३ अगस्त २०१० के पूर्व प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त शिक्षकों पर  पदोन्नति  में TET लगेगा कि नहीं लगेगा, यह अभी सवालों के घेरे है। जबकि न्यायमूर्ति श्री शाही ने कहा था कि दिनांक २३ अगस्त २०१० के पूर्व नियुक्त शिक्षक मिडिल का सहायक अध्यापक और मिडिल का हेडमास्टर बगैर TET बनेंगे।  दिनांक २३...

स्नेही स्वजन सादर मधुर सुप्रभात सुमंगलम 🙏👏

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सूर्यकुमार यादव जातिवादी नहीं हैं

सूर्यकुमार यादव जातिवादी नहीं हैं, वह एक अच्छे क्रिकेटर हैं, जाति-पात से अलग हटकर उन्होंने एक मद्रासी से शादी किया। मगर उनके समर्थकों ने उन्हें जाति के दायरे में बांध दिया है। सही मायने में वही सूर्यकुमार के दुश्मन हैं।  पिछले 28 वर्ष से क्रिकेट देख रहा हूँ, मेरी जाति और समुदाय के अनेक लोगों ने क्रिकेट खेला मगर मैंने कभी भी उनका जाति के आधार पर समर्थन नहीं किया।  मेरे सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री के जन्म के आधार पर जाति के लोग यदि अपराध में लीन हैं तो वह मेरे सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री के सबसे बड़े विरोधी हैं, वह हमारे सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री की छवि धूमिल कर रहे हैं। जबकि उन्हें अपराध से दूर होकर हमारे पसंदीदा मुख्यमंत्री का समर्थन करना चाहिए। उन्हें आगे बढ़ने का जिससे अवसर मिल सके। राजनाथ सिंह जी अटल/आडवाणी जी के बाद प्रधानमंत्री के सबसे बड़े दावेदार थे, मगर वह इस मुकाम पर क्यों नहीं पहुंचे इसपर उनके समर्थकों को मंथन करना चाहिए।  लोकतंत्र कोई राजतंत्र नहीं है , लोकतंत्र में यदि आप अपने सबसे पसंदीदा नेता को सर्वोच्च पद पर देखना चाहते हैं तो आपको त्याग करना होगा। धैर्य रखना होगा, ...

दशहरा

श्रीराम से युद्ध के लिए निकला रावण, तब हुए थे ये अपशकुन, फिर भी नहीं रुका, मारा गया कुंभकर्ण और मेघनाद की मृत्यु के बाद रावण अंदर से टूट चुका था। वह बहुत दुःखी भी था। शोक, अपमान और क्रोध ने उसके मन में ऐसी जगह बनाई कि उसकी आंखें लाल हो गईं। रावण की अब एक ही ख्वाहिश थी और वो यह कि किसी तरह श्रीराम को मृत्य की नींद सुलाकर अपने प्रतिशोध की ज्वाला को बुझाए। रावण के पास कई वरदान थे, इसलिए उसे इस बात का घमंड भी था। जब रावण युद्ध के लिए निकला तब पक्षी अमंगलसूचक बोली बोलने लगे। सूर्य का प्रकाश धीमा हो गया। इस तरह कई अपशकुन हुए। रावण, विरुपाक्ष, महोदर और महापार्श्व आदि दानवों के साथ युद्ध भूमि में पहुंचा। रावण के सभी दैत्य सुग्रीव और अंगद के साथ युद्ध लड़ते ही मारे गए। रावण, श्रीराम से युद्ध लड़ रहा था। रावण ने 'नाराच बाण' निकाला और श्रीराम की ओर प्रक्षेपित किया। श्रीराम के सामने यह बाण बेअसर रहा। दोनों तरफ से बाणों की बौछार हो रही थी। समय बीतता जा रहा था, लेकिन रावण कमजोर नहीं हुआ। तब श्रीराम से मतालि ने कहा, 'हे प्रभु रावण का अंत समय आ गया है। आप ब्रह्मास्त्र का उपयोग कीजिए।' ...

अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ का 29वां राष्ट्रीय अधिवेशन प्रारंभ

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*अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ का 29वां राष्ट्रीय अधिवेशन प्रारंभ* अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ का 29वां अधिवेशन गुजरात की राजधानी *गांधीनगर के निजानंद फॉर्म, गिफ्ट सिटी में प्रारम्भ* हुआ। अधिवेशन का *उद्घाटन मुख्य अतिथि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों द्वारा* किया गया। मुख्य अतिथि का स्वागत गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल एवं अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राम पाल सिंह जी द्वारा किया गया। केंद्रीय मंत्री श्री पुरुषोत्तम रुपाला जी ने दिव्य उद्बोधन से अधिवेशन में आये देश भर के शिक्षकों को बेहद ही प्रभावित किया। मुख्य अतिथि श्री नरेन्द्र *मोदी जी ने शिक्षक व शिक्षा से सम्बन्धित अपनी यादों को बेहद ही खूबसूरत ढंग से शिक्षकों से साझा* किया। जब वह गुजरात के पहली बार मुख्यमंत्री बने तो उनका दो ही सपना था। पहला उन्होंने अपने आवास पर अपने जीवित गुरुओं को सम्मानित था। दूसरा अपने बचपन के साथियों को अपने सरकारी आवास पर बुलाया। प्रधानमंत्री बनने के बाद जब वह पहली विदेश यात्रा पर भूटान गए तो *भूटान के राजा ने कहा क...

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) आवंटन एवं कटौती को लेकर असमंजस की स्थिति और समाधान

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राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में स्थायी  सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) आवंटन एवं कटौती को लेकर असमंजस की स्थिति और समाधान  राहुल पाण्डेय 'अविचल'  भारत सरकार ने दिनांक 22 दिसंबर 2003 को अधिसूचना जारी करके दिनांक 1 जनवरी 2004 से सरकारी सेवा में आने वाले केंद्रीय कार्मिकों (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए पुरानी पेंशन की योजना बन्द कर दी। इस तरह जो दिनांक 31 दिसंबर 2003 तक नियुक्ति और चयन पा चुके थे वही पुरानी पेंशन के हकदार रह गए। केंद्र सरकार ने यह प्रणाली राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं किया परंतु राज्य सरकारें इसे अपने कर्मियों पर लागू कर सकती थीं। दिनांक 1 मई 2009 से स्वैच्छिक आधार पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों सहित देश के सभी नागरिकों को यह सुविधा प्रदान की गयी। वर्ष 2011 में इनके लिए प्रोत्साहन हेतु प्रतिवर्ष न्यूनतम 1000 रूपये से अधिकतम 12000 रूपये तक अंशदान की व्यवस्था की गई थी। जो कि उस समय प्रोत्साहन राशि वित्तीय सत्र 2015-2016 तक थी। इसमें निवेश के लिए दो टायर की व्यवस्था थी जिसमें पहले टायर को 60 वर्ष के बाद छोड़ा जा सकता है। सरकारी कार्मिकों को प्...

विवाह संस्था को नकारती विचारधारा को नकारते 'लिव इन रिलेशन'

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विवाह संस्था को नकारती विचारधारा को नकारते 'लिव इन रिलेशन' राहुल पांडे 'अविचल'  विवाह पवित्र बंधन के रूप में देखा जाता था। भगवान शिव से लेकर भगवान विष्णु तक सबके सब विवाह बंधन में बंधे। भगवान राम और कृष्ण का भी विवाह हुआ। तारा, कुंती, अहिल्या, मंदोदरी और द्रोपदी का भी विवाह हुआ। वर्तमान समय में विवाह संस्था पर नकारात्मक टिप्पणियों का दौर शुरू हुआ है। स्वतंत्रता के लिहाज से विवाह को बाधा बताकर लोगों ने विवाह की निंदा करना प्रारंभ कर दिया। कई बुद्धिजीवियों ने व्यस्तता के कारण विवाह को अनुचित ठहराकर लिव इन रिलेशन को बेहतर बताया। मैंने कई बार लिव इन रिलेशन की समीक्षा की तो पाया कि भारत में इन पर कानून होना चाहिए। भारत में इसपर कोई कानून नहीं है। न्यायालय को विदेशी कानून के आधार पर कई बार निर्णय सुनाना पड़ा है। अभी तक सिर्फ लिव इन रिलेशन में जन्मी संतान को न्याय मिलता आ रहा है। रोहित शेखर जिसका उदाहरण हैं। सत्य यह है कि वह तो लिव इन रिलेशन की भी उपज नहीं थे। भूपेन हजारिका ने अपना जीवन ही लिव इन रिलेशन में बिता दिया। राजेश खन्ना अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर अनीता आडव...

एक दिवसीय धरने पर बैठे शिक्षक राजनीति के पुरोधा अभिमन्यु प्रसाद तिवारी

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एक दिवसीय धरने पर बैठे शिक्षक राजनीति के पुरोधा अभिमन्यु प्रसाद तिवारी  राहुल पांडे 'अविचल'      उम्र का एक ऐसा पड़ाव जब किसी इंसान को अपने पैरों के बल चल पाने में तकलीफ होती है, इस उम्र में दूसरों के कदमों को मजबूत करने व बुढ़ापे का सहारा कही जाने वाली पुरानी पेंशन के लिए अस्सी वर्ष के अभिमन्यु प्रसाद तिवारी युवाओं के हित में लखनऊ के ईको गार्डन में एकदिवसीय धरने पर बैठ गए। उनकी जिजीविषा को देखकर प्रदेश भर से आये शिक्षकों ने दांतों तले उंगली दबा ली। अभिमन्यु प्रसाद तिवारी कई दशक तक उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रहे। उन्होंने शिक्षकों के हित में सदैव संघर्ष किया एवं युवाओं के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतनशील रहे। उत्तर प्रदेश की कल्याण सिंह सरकार ने प्राथमिक शिक्षक के संवर्ग को मृत घोषित कर दिया तो अभिमन्यु प्रसाद तिवारी ने कहा कि संवर्ग मृत होने से भविष्य में कभी शिक्षक भर्ती नहीं होगी तो युवाओं का भविष्य चौपट हो जाएगा। युवाओं के हित में सड़क पर उतर गए और अंत में सरकार को झुकना पड़ गया था। जिसके परिणामस्वरूप शिक्षकों की भर्ती अनवरत होती आ ...

भारत विभाजन की विभीषिका और आजादी का जश्न

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भारत विभाजन की विभीषिका और आजादी का जश्न  - राहुल पांडे 'अविचल'             देश का जब विभाजन हुआ तो मुम्बई महानगर में पाकिस्तान से आये सिंधियों के लिए हमारे बाबा ने 2.5 हेक्टेयर जमीन दान कर दिया था। इतने बड़े दान की परिकल्पना भी वर्तमान में नहीं की जा सकती है। दान देना तो बहुत दूर की बात है। मुझे अपने बाबा-दादा पर गर्व है कि वह देश हित में समर्पित थे।             मौलाना अबुल कलाम आजाद जी विभाजन के पक्षधर नहीं थे। जब विभाजन की चर्चा सुने तो वह महात्मा गांधी जी के पास गए और किसी भी सम्भावित विभाजन को रोकने को कहा। महात्मा गांधी जी ने कहा कि हिंदुस्तान का विभाजन मेरी लाश पर होगा। मगर बाद में विभाजन हो गया तो जामा मस्जिद की प्राचीर से मौलाना अबुल कलाम आजाद ने बहुत भावुक भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि जो चला गया उसे भूल जा हिन्द को अपनी जन्नत बना। उन्होंने कहा कि मुसलमान मूर्ख थे जो उन्होंने अलग मुल्क की मांग की और हिन्दू महामूर्ख थे जो उन्हें अलग मुल्क दे दिया।            ...